Kayi log kehte hain ki Lavanya unlucky hai. Jab woh paida hui tabhi uske pita usse chhod kar chale gaye the, aur kuch saalon baad uski maa bhi ek accident me chal basi. Bachpan me hi Lavanya ne apne maa-baap dono ko kho diya. Aise me kisi bhi bachche ke liye zindagi bahut akeli aur mushkil ho sakti hai.
Lekin Lavanya khud ko unlucky nahi maanti. Woh kehti hai ki shayad uski kismat me dukh zaroor the, lekin usse ek doosri maa bhi mili.
Jab Lavanya ko laga ki ab uske paas koi nahi hai, tab uski maa ki cousin sister usse apne ghar le aayi. Lavanya unhe pyaar se “Maa” bulati hai. Us din se Lavanya ki zindagi badal gayi. Usse sirf ek ghar hi nahi mila, balki ek parivaar bhi mil gaya.
Maa ki ek beti hai Shobha, jo Lavanya ki hi umar ki hai. Dheere-dheere Lavanya aur Shobha ke beech ek gehra rishta ban गया. Aaj dono ek-दूसरे के लिए सिर्फ बहन नहीं बल्कि सबसे अच्छी दोस्त हैं।
दोनों साथ-साथ बड़ी हुई हैं, एक ही स्कूल में पढ़ती हैं और अपनी हर खुशी-दुख एक-दूसरे के साथ बांटती हैं। उनके पास बहुत ज्यादा चीजें नहीं हैं, लेकिन जो कुछ भी है, वह दोनों बराबर बाँटती हैं।
शोभा की जिंदगी भी आसान नहीं रही। उसके पिता का निधन पाँच साल पहले हो गया था। उसके बाद से उनकी माँ ही परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वह एक फैक्ट्री में काम करती हैं और अपनी मेहनत से दोनों बच्चियों की परवरिश कर रही हैं।
घर की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है। कई बार ऐसा भी होता है कि घर में पर्याप्त खाना नहीं होता। लेकिन उनकी माँ हमेशा यह सुनिश्चित करती हैं कि जो भी खाना घर में है, वह बराबर-बराबर Lavanya और Shobha के बीच बाँटा जाए।
Lavanya को अपनी असली माँ की ज्यादा यादें नहीं हैं क्योंकि वह बहुत छोटी थी जब उसकी माँ उसे छोड़कर चली गई। लेकिन उसकी नई माँ यह सुनिश्चित करती हैं कि दोनों बच्चियाँ अपनी माँ को कभी भूलें नहीं।
हर दिन प्रार्थना के समय वह दोनों से कहती हैं कि अपनी माँ का नाम जरूर लें। इस तरह वह बच्चों के दिल में अपने परिवार और रिश्तों के प्रति सम्मान और प्रेम बनाए रखती हैं।
कभी-कभी Lavanya सोचती है कि अगर उस दिन उसकी माँ की cousin sister उसे अपने साथ घर न ले जातीं, तो शायद उसकी जिंदगी कैसी होती। शायद वह पढ़ाई भी नहीं कर पाती, शायद उसे प्यार और सहारा भी नहीं मिलता।
आज Lavanya और Shobha दोनों Madhya Pradesh में Aadhya Care Foundation के Mission Education Centre में Class 4 में पढ़ती हैं। यहाँ उन्हें पढ़ाई का अच्छा माहौल, मार्गदर्शन और भविष्य के लिए उम्मीद मिलती है।
दोनों बच्चियाँ अब अपने सपनों के बारे में सोचती हैं और मेहनत से पढ़ाई कर रही हैं ताकि आगे चलकर एक बेहतर जिंदगी बना सकें।
Lavanya की कहानी हमें यह सिखाती है कि कभी-कभी जिंदगी में खोने के बाद ही हमें नया सहारा मिलता है। प्यार, देखभाल और अवसर किसी भी बच्चे की जिंदगी बदल सकते हैं।
और Lavanya के शब्दों में —
“लोग कहते हैं कि मैं unlucky हूँ, लेकिन मुझे लगता है मैं बहुत lucky हूँ। क्योंकि मुझे एक माँ नहीं, बल्कि दूसरी माँ मिल गई।”
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Lavanya
Ek Nayi Maa, Ek Nayi Zindagi